
जानें, किसानों को किस आधार पर दी गई मुआवजे की राशि और शेष किसानों को कब तक मिलेगी राहत
Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana Claim : जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के इस दौर में असमय बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को हर साल नुकसान हो रहा है। अभी कुछ दिन पहले कई राज्यों में हुई आंधी, बारिश व ओलावृष्टि, रोग, कीटव्याधि आदि से किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने किसानों की फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए सर्वे करने के निर्देश भी दिए हैं। वहीं राज्य सरकार की ओर से किसानों को पिछले साल हुए फसल नुकसान की भरपाई के लिए बीमा कंपनी से समन्वय करके क्लेम दिया जा रहा है।
इसी कड़ी में हरियाणा सरकार की ओर से प्रभावित किसानों को बीमा क्लेम देना शुरू कर दिया गया है। हरियाणा के सिरसा जिले में 18 हजार किसानों को 78 करोड़ 19 लाख रुपए का बीमा क्लेम दिया जा चुका है। सिरसा जिले के करीब 82 हजार किसानों ने 2024 में खराब हुई फसलों के बीमा क्लेम की मांग को लेकर आवदेन किया था। इस पर कृषि विभाग ने संज्ञान लेते हुए अब प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana) के तहत बीमा क्लेम देना शुरू कर दिया है। किसानों के खातों में बीमा क्लेम की राशि आने से किसानों में खुशी की लहर है।
बाकी किसानों को जल्द मिलेगा बीमा क्लेम
हरियाणा के सिरसा जिले के 18 हजार किसानों को 78 करोड़ 19 लाख रुपए का बीमा क्लेम दिया जा चुका है और शेष किसानों को जल्द ही बीमा क्लेम दिया जाएगा। इस संबंध में कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया है। इस संबंध में मीडिया को जानकारी देते हुए कृषि विभाग के उपनिदेशक सुखदेव सिंह कंबोज ने बताया कि साल 2024 में किसानों की फसल अलग–अलग प्रकार की बीमारी के कारण खराब हो गई थी। इसके बाद सिरसा जिले के 82 हजार किसानों ने खराब हुई फसलों के बीमा क्लेम (Insurance Claim) के लिए आवेदन किया था। इस पर अब सरकार व कृषि विभाग के अधिकारियों ने संज्ञान लेते हुए सिरसा जिला के 18 हजार किसानों को 78 करोड़ 19 लाख रुपए का बीमा क्लेम उनके खाते में ट्रांसफर कर दिया है।
कितने गांवों में किसानों की फसलों को हुआ था नुकसान
कृषि विभाग के उपनिदेशक सुखदेव सिंह कंबोज ने बताया कि सिरसा जिले के 15 गांवों में किसानों की खराब हुई फसलों की बीमा कंपनी द्वारा क्वेरी (संदेह) लगाई गई थी। क्वेरी को हटाने के लिए जल्द ही कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी और शेष किसानों को भी बीमा क्लेम जल्द दिया जाएगा। बता दें कि साल 2024 में नरमा कपास (Cotton), धान (Paddy), बाजरा (Millet) की खराब हुईं फसलों के मुआवजे के लिए सिरसा जिले के 82 हजार किसानों ने आवदेन किया था। फिलहाल कृषि विभाग ने नरमा कपास की खराब हुई फसलों का ही बीमा जारी किया है। जबकि बाकी खराब हुई फसलों का बीमा किसानों को जल्द ही जारी करने का आश्वासन दिया है।
धान व बाजारा का बीमा क्लेम है पेंडिंग
सिरसा जिले के 82 हजार किसानों ने कपास, धान व बाजरा का बीमा कराया था। जिन गांवों में औसतन पैदावार फसल कटाई के आधार पर कम रही, उसे देखते हुए बीमा क्लेम बना है और उसका पैसा किसानों के खाते में भेजा गया है। 82 हजार किसानों ने खरीफ 2024 में बाजरा, धान और कपास का बीमा कराया था जिसमें किसानों द्वारा करीब 69 करोड़ रूपए का प्रीमियम कंपनी के खाते में जमा कराया गया था। अभी तक 78 करोड़ 19 लाख रुपए का क्लेम किसानों को दिया गया है। जिन किसानों ने कपास का बीमा क्लेम किया था, अभी उनको ही मुआवजे का पैसा दिया गया है। इसके बाद धान व बाजरा का जिन किसानों का बीमा पेंडिंग है, उन्हें भी बीमा क्लेम दिया जाएगा।
शेष किसानों को क्लेम की जांच के बाद मिलेगा मुआवजा
जिन किसानों को बीमा क्लेम दिया गया है, वे किसान खुश हैं, क्योंकि लंबे समय से इसका इंतजार कर रहे थे। कृषि विभाग ने उन किसानों की शिकायत भी जल्द दूर करने का आश्वासन दिया है जिन्होंने अपनी फसलों का बीमा क्लेम दिया था। इन किसानों के क्लेम की जांच की जा रही है। यह काम जैसे ही पूरा हो जाएगा, वैसे ही उनके खाते में मुआवजे का पैसा भेज दिया जाएगा। हरियाणा सरकार ने बीमा क्लेम को लेकर सख्ती का रूख अपनाया है और किसानों की समस्या को जल्द दूर करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। ऐसे में कृषि विभाग की ओर से इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।
इधर राजस्थान में फसलों को बारिश व ओलावृष्टि से नुकसान, किसान इस नंबर पर दें सूचना
बीते कुछ दिनों से बैमौसम आंधी, बारिश व ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। इसी कड़ी में जयपुर जिले में हुए फसलों के नुकसान का जायजा लेने के लिए राजस्व अधिकारियों ने किसानों के खेतों का दौरा किया है। जिला कलेक्टर डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी ने प्रभावित रामपुरा, सोनकोटड़ा, डागरवाड़ा सहित अन्य तहसीलों के प्रभावित इलाकों का दौरा किया और खेतों में जाकर अंधड़, बारिश व ओलावृष्टि से हुए नुकसान का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित किसानों से बातचीत की।
वहीं जिला कलेक्टर ने जिले के सभी राजस्व अधिकारियों को फसल बीमा कंपनियों के प्रतिनिधियों से समन्वय स्थापित करके प्रभावित किसानों को शीघ्र राहत प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। जिला कलेक्टर ने खेतों में निरीक्षण के दौरान प्रभावित किसानों को फसलों में हुए नुकसान का मुआवजा पाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के किसान रक्षक हेल्पाइन टोल फ्री नंबर 14447 पर शिकायत दर्ज करवाने के लिए जागरुक किया। बता दें कि 13 मार्च को जयपुर के कई इलाकों में बैमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को काफी नुकसान हुआ है।