आम को फलों का राजा (King of Fruits) कहा जाता है।
यह भारत की सबसे प्रमुख, लोकप्रिय और उच्च मूल्य वाली फल फसल है, जिसकी देश-विदेश में भारी मांग रहती है।
आम Anacardiaceae परिवार का सदाबहार फलदार वृक्ष है और यह एक बार लगाने के बाद 20–40 वर्षों तक लगातार उत्पादन देता है।
आम को अलग-अलग भाषाओं में क्या कहते हैं?
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हिंदी – आम
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अंग्रेज़ी – Mango
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बंगाली – আম
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मराठी – आंबा
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गुजराती – કેરી
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तमिल – மாம்பழம்
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तेलुगु – మామిడి
👉 आम का उपयोग ताज़ा फल, अचार, जूस, पल्प, जैम और निर्यात में बड़े पैमाने पर होता है।
📍 भारत के प्रमुख आम उत्पादक राज्य
Major Mango Producing States in India
भारत विश्व का सबसे बड़ा आम उत्पादक देश है।
प्रमुख राज्य:
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उत्तर प्रदेश (सबसे अधिक उत्पादन)
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आंध्र प्रदेश
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तेलंगाना
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बिहार
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पश्चिम बंगाल
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महाराष्ट्र
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गुजरात
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कर्नाटक
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तमिलनाडु
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ओडिशा
👉 गर्म एवं उपोष्ण जलवायु वाले क्षेत्र आम की खेती के लिए सर्वोत्तम माने जाते हैं।
🌾 आम की प्रमुख किस्में – Popular Mango Varieties
| किस्म का नाम | विशेषताएँ | प्रमुख क्षेत्र |
|---|---|---|
| दशहरी | मीठा, लंबा फल | उत्तर प्रदेश |
| लंगड़ा | खुशबूदार, रेशा रहित | यूपी, बिहार |
| चौसा | बहुत मीठा, बड़ा फल | यूपी |
| अल्फांसो (हापुस) | निर्यात योग्य | महाराष्ट्र |
| केसर | आकर्षक रंग | गुजरात |
| तोतापुरी | प्रोसेसिंग के लिए | दक्षिण भारत |
| मल्लिका | हाईब्रिड, अधिक उपज | पूरे भारत |
☀️ जलवायु और मिट्टी – Climate & Soil Requirement
🌤️ जलवायु
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गर्म व शुष्क जलवायु उपयुक्त
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फूल आने के समय शुष्क मौसम जरूरी
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पाला और अत्यधिक वर्षा हानिकारक
उपयुक्त तापमान:
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24°C से 35°C
🌱 मिट्टी
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गहरी दोमट व बलुई-दोमट मिट्टी
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जल निकासी अच्छी हो
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pH मान: 5.5 – 7.5
🚜 खेत की तैयारी – Field Preparation
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खेत की गहरी जुताई करें
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1×1×1 मीटर के गड्ढे खोदें
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प्रति गड्ढा 20–25 किग्रा सड़ी गोबर खाद + मिट्टी भरें
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रोपण से 15 दिन पहले गड्ढे तैयार करें
🌱 पौध रोपण – Planting Method
पौधों का चयन
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कलमी (Grafted) पौधे ही लगाएँ
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स्वस्थ, रोग-मुक्त पौधे चुनें
रोपण का समय
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जुलाई–अगस्त (मानसून)
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फरवरी–मार्च (सिंचाई सुविधा होने पर)
दूरी
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सामान्य किस्में: 10 × 10 मीटर
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हाई डेंसिटी प्लांटेशन: 5 × 5 मीटर
👉 हाई डेंसिटी खेती से जल्दी उत्पादन और अधिक मुनाफा मिलता है।
🌿 उर्वरक प्रबंधन – Fertilizer Management
प्रति पौधा वार्षिक मात्रा
| आयु (वर्ष) | गोबर खाद (किग्रा) | N (ग्राम) | P (ग्राम) | K (ग्राम) |
|---|---|---|---|---|
| 1–3 वर्ष | 10–15 | 100 | 50 | 100 |
| 4–6 वर्ष | 25 | 250 | 150 | 250 |
| फलदार वृक्ष | 40–50 | 750 | 400 | 750 |
👉 उर्वरक वर्ष में दो बार (जून और अक्टूबर) दें।
💧 सिंचाई प्रबंधन – Irrigation Management
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छोटे पौधों को 7–10 दिन में सिंचाई
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फलदार पेड़ों को 15–20 दिन में
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फूल आने से पहले सिंचाई रोकें
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ड्रिप सिंचाई सर्वोत्तम
👉 ड्रिप से 30–40% पानी की बचत होती है।
🐛 रोग एवं कीट प्रबंधन – Disease & Pest Control
प्रमुख रोग
| रोग | लक्षण | नियंत्रण |
|---|---|---|
| पाउडरी मिल्ड्यू | फूल झड़ना | सल्फर छिड़काव |
| एन्थ्रेक्नोज | फल पर काले धब्बे | कॉपर फफूंदनाशी |
| डाई-बैक | टहनियाँ सूखना | कॉपर ऑक्सी क्लोराइड |
प्रमुख कीट
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आम की हॉपर
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फल मक्खी
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मिलीबग
👉 नियंत्रण हेतु नीम तेल या इमिडाक्लोप्रिड का प्रयोग करें।
🍃 तुड़ाई और पैदावार – Harvesting & Yield
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पौधा लगाने के 3–4 वर्ष बाद फलन शुरू
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पूर्ण उत्पादन 7–8 वर्ष में
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फल हल्के परिपक्व अवस्था में तोड़ें
औसत पैदावार:
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8–12 टन प्रति हेक्टेयर
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उन्नत बागों से 15–20 टन/हेक्टेयर तक
📊 आम मंडी भाव 2025 – Mango Market Price
| किस्म | औसत भाव (₹/क्विंटल) | उच्चतम |
|---|---|---|
| दशहरी | 4,000 | 7,000 |
| लंगड़ा | 3,500 | 6,000 |
| चौसा | 5,000 | 9,000 |
| अल्फांसो | 8,000 | 15,000 |
| केसर | 6,000 | 12,000 |
👉 खुदरा बाजार में ₹40–200 प्रति किलो तक।
💰 लागत और मुनाफा – Cost & Profit Analysis (प्रति हेक्टेयर)
| विवरण | खर्च (₹) |
|---|---|
| पौधे | 20,000 |
| खाद व उर्वरक | 15,000 |
| सिंचाई | 10,000 |
| दवा व देखभाल | 10,000 |
| कुल लागत | ₹55,000–60,000 |
👉 पूर्ण उत्पादन पर आय: ₹6–10 लाख/हेक्टेयर
👉 शुद्ध मुनाफा: ₹5–8 लाख प्रति हेक्टेयर
🧬 आधुनिक तकनीकें – Advanced Techniques
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हाई डेंसिटी प्लांटेशन
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ड्रिप + मल्चिंग
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फ्लावरिंग कंट्रोल तकनीक
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एक्सपोर्ट ग्रेड उत्पादन
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ऑर्गेनिक आम की खेती
🥗 आम का पोषण मूल्य – Nutritional Value (100 ग्राम)
| पोषक तत्व | मात्रा |
|---|---|
| कैलोरी | 60 kcal |
| कार्बोहाइड्रेट | 15 ग्राम |
| विटामिन C | 36 मि.ग्रा |
| विटामिन A | 1082 IU |
| फाइबर | 1.6 ग्राम |
👉 आम ऊर्जा, इम्युनिटी और पाचन के लिए बेहद लाभकारी है।
🏁 निष्कर्ष – Conclusion
आम की खेती किसानों के लिए दीर्घकालीन, स्थिर और अत्यधिक लाभकारी निवेश है।
उन्नत किस्में, आधुनिक तकनीक और सही प्रबंधन अपनाकर किसान हर साल लाखों रुपये कमा सकते हैं।
🥭 “आम – स्वाद, सेहत और समृद्धि का राजा”